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| कोहड़ा (कद्दू), कदीमा -Pumpkin |
हिंदी में कद्दू आधिकारिक तौर पर वह सब्ज़ी है जिसे अंग्रेजी में पम्पकिन कहते हैं। भारत में यह सब्ज़ी पकने पर ज़्यादा बनाई जाती है जब अंदर में यह पीला हो जाता है। यद्यपि कच्चा रहने पर भी बनाया जाता है। यह गोल होता है जिस पर चित्ते जैसे बने होते हैं। डंठल मोटा होता है। इसकी सब्ज़ी पूरी नमकीन नहीं बल्कि कुछ मिठास लिए होती है क्योंकि सब्ज़ी पकी होती है और उसमें थोड़ा गुड़ भी डाला जाता है। यह सब्ज़ी संभवतः भारत में प्राचीन समय से उपलब्ध है क्योंकि विवाह एवं उत्सवों में इसकी सब्ज़ी खिलाना एक रिवाज़ जैसा है। काली पूजा या दुर्गा पूजा में जब भगवती का खिचड़ी प्रसाद बनाया जाता है तो उसमें डाली जाने वाली सब्ज़ियों में से एक सब्ज़ी कद्दू भी होती है। अर्थात यह एक पवित्र सब्ज़ी मानी जाती है।
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| लौकी -Bottle Gourd |
बिहार और झारखण्ड में आम बोलचाल में कद्दू को 'कोहड़ा' या 'कदीमा' बोला जाता है। यहाँ कद्दू लौकी को बोला जाता है, लौकी जिसे अंग्रेजी में बॉटल गॉर्ड बोला जाता है। यह हल्के हरे रंग की सब्ज़ी प्रायः दो आकार में होती है - एक लम्बी, दूसरी गोल। यह एक लोकप्रिय सब्ज़ी है। कच्चे लौकी का जूस स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है किन्तु यह ध्यान रखना चाहिए कि इन पर दवा या कीटनाशक का छिड़काव न किया गया हो। घर की उगाई लौकी का जूस ज्यादा सुरक्षित होता है।
जब सब्ज़ी की बात हुई तो यह भी बता दूँ कि बिहार-झारखण्ड में सब्ज़ी को 'तरकारी' भी बोला जाता है।
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