Wednesday, April 2, 2025

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होटल साईं यात्री, त्रयम्बक, महाराष्ट्र -रिव्यु

त्रयम्बक में होटल साईं यात्री के पास भोजनालय

      नवंबर 2024 में हम लोग महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग यात्रा पर निकले थे। नासिक के पास स्थित त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग उस ट्रिप में पहला स्थल था। मैंने ऑनलाइन होटल खोजने में यह ध्यान रखा कि यह मंदिर के पास हो। इससे जब इच्छा हो तब पैदल ही मंदिर की तरफ जा सकते हैं। साथ ही होटल की रेटिंग भी अच्छी हो। ऐसे में त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास जो सही होटल दिखा वह था "होटल साईं यात्री", त्रयम्बक। मैंने इसमें दो कमरे बुक किये क्योंकि हम लोग चार व्यक्ति थे। 

होटल साईं यात्री का कमरा, त्रयम्बक,महाराष्ट्र


       जब हम लोग अपनी किराये की कार से गूगल मैप देखते हुए होटल के पास पहुंचे तो संध्या होने वाली थी और उस सड़क पर दोनों तरफ दुकानें होने के कारण भीड़ थी। ड्राइवर बोला कि यहाँ तो सड़क पर कार पार्क नहीं कर सकते, आप लोग होटल में सामान ले कर चेक इन करो, जब जरूरत होगी तो कॉल करना। मैंने कहा कि पहले रिसेप्शन पर बात करते हैं फिर जैसा होगा करेंगे। रिसेप्शन पर जब हमने बताया कि कार से आये हैं तो उसने कहा कि गाड़ी होटल के पीछे वाली रोड में ले आओ वहाँ पार्क करा दूंगा। वस्तुतः होटल दो पैरेलल रोड के बीच था और दोनों ही तरफ एंट्री थी। जिधर हम लोग उतरे थे उस सड़क पर ज्यादा दुकानें और भीड़ थी। ड्राइवर कार को पीछे की तरफ ले गया और उधर से ही सामान उतार कर गाड़ी पार्क किया। 

होटल साईं यात्री का कमरा, त्रयम्बक,महाराष्ट्र


            जब हम लोग रूम में पहुंचे तो देख कर संतोष हुआ। रूम बड़ा था और साफ़ सुथरा था। बेड शीट और पिलो कवर भी साफ़ सुथरा था। वाश रूम जाकर देखा तो वह भी ठीक था। रूम तक जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा भी थी। होटल से निकलते ही आप मार्किट में आ जाते हैं और त्रयम्बकेश्वर मंदिर 150 मीटर की दूरी पर पाते हैं। 

होटल साईं यात्री का कमरा, त्रयम्बक,महाराष्ट्र


          हम लोगों ने लम्बी यात्रा से आ कर चेक इन किया था अतः फ्रेश हो कर मंदिर जा कर संध्या पूजा देखने का सोचा। हमने सोचा था की शाम को जल्दी ही दर्शन कर आ जाएंगे परन्तु छुट्टी का दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की बहुत भीड़ थी। वहां से निकलते साढ़े दस रात्रि हो चुकी थी। फूल वाले को फूल की टोकरी लौटने और अपने चप्पल लेने गए तो देखा कि वे लोग दूकान बंद कर जा चुके थे। हमारा चप्पल बाहर रखा था तो उन्हें ले कर फूल की टोकरी दुकान के सामने रख कर लौटे। अब भोजन की चिंता हो रही थी क्योंकि लगभग मार्किट बंद हो चुका था किन्तु होटल के गेट के पास ही दो भोजनालय खुले थे। उनमें से एक का नाम भी होटल साईं यात्री ही था। वहीं हमने भोजन किया। 

होटल साईं यात्री, त्रयम्बक,महाराष्ट्र के पास ही है त्रयम्बकेश्वर
ज्योतिर्लिंग मंदिर का मुख्य द्वार।


           इस प्रकार होटल की मंदिर से निकटता, पार्किंग और लिफ्ट की सुविधा, कमरे एवं टॉयलेट्स की सफाई, निकट बाजार तथा भोजन हेतु रेस्टॉरेंट्स की पास में उपलब्धता को ध्यान में रखें तो होटल साईं यात्री त्रयम्बक, महाराष्ट्र में रात्रि विश्राम एवं ठहरने के लिए एक अच्छा होटल है। त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन -पूजन करने में आसानी होगी। मैं इस होटल का अनुमोदन करता हूँ। 

     हमारी त्रयम्बक यात्रा को आप इस लिंक पर पढ़ सकते हैं। CLICK HERE    

 

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